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देश के मुलभुत समस्या से ..दूर सरकार

हमारे प्रधानमंत्री जी ७० साल  को वयवस्था को ५ साल में बदलना चाहते है ,और शायद यही कारण की प्रधानमंत्री जी पुरे देशवासियो ये ३. ५ साल से  सिर्फ गोल -गोल घुमा रहे है  , हम जनता जाना चाहते है.कौन -सा मिशन , ५ साल में इन्होने पूरा कर  दिया या फिर अगले चुनाव के लिए बना रहे है। किसी एक मिशन को ५ साल में १००% न सही ९९% ही कर  देते ।  सिर्फ घोषणा ही हुआ है , 


देश के मुलभुत समस्या है ,अशिक्षा ,गरीबी ,बेरोजगारी,कुपोषण ,भुखमरी .... जिसे आज की  भी सरकार दूर नहीं कर पायी  है। बात हम डिजिटल इंडिया की करते है। जनता जो इन समस्या के लपटे में है उन्ही के वोट से सरकार  बनती है , न कि डिजिटल इंडिया के सपने देखने वाले लोगो से।

देश में कुछ लोगो के सुखी रहने से पूरा देशवासियो सुखी कैसे समझ लेती है ,सरकार। वर्तमान सरकार को यह जरूर समझना चाहिए की जीत उनकी वहां से तय होती है  ,जहां  के लोग आज भी  फेसबुक ,ट्विटर नहीं चलना  जानते हैं ,इसलिए इन जगहों पर खर्च करने के बजाये, उन जगह पर खर्च करे, जहां आज भी लोग घर में दीया जलने पर दिवाली और एक दिन स्वादिष्ट भोजन मिलने पर दशहरा जैसे पर्व से कम नहीं समझते है।


हम ऐसे देश में रहते  है जहां हम ख़ुदकुशी करे तो सरकार हमे रोकती है और सजा का भी प्रवधान  है ,वही दूसरी तरफ  एक गरीब दवा के बिना मर जाये  तो  उसे  कोई  देखने वाला भी नहीं ,और  इसका कोई जिमेवार भी नहीं।
जररूत है  हम खुद भी बदले और सरकार भी अपने सोच को बदले, ताकि हम सभी एक- दूसरे के सहारा बन सके और कंधे से कंधे मिला कर देश को प्रगति के दिशा में  ले चले।



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