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देश चलाने का नया राष्ट्रवादी तरीका

1.जब 50 लाख नए रोजगार पैदा करने की जगह हर साल 2 लाख नौकरियाँ खत्म होने की नौबत आ जाये तो जोर जोर से भारत माता की जय,भारत माता की जय चिल्लाना शुरू करें। जनता खुश हो जाएगी और लोगों को एक नया रोजगार मिल जायेगा।

2.जब 350 करोड़ विदेशी दौरों में खर्च करने के बाद,पैसे देकर मोदी-मोदी चिल्लाने के बाद भी, तीन साल में एक बड़ा विदेशी निवेशक भारत आने को तैयार न हो तो प्रेमी जोड़ों को पकड़कर कूटने लगिये।जनता को लगेगा कि कम से कम सरकार भारतीय संस्कृति को तो बचा रही है।

3.जब आयात घटने लगे,पुराने मित्र देश दुश्मन देश से करीबी बढ़ाने लगें,पर्यटन चौपट होने लगे,विदेशों में भारत की तुलना सूडान और नाइजीरिया से की जाने लगे तो तीन तलाक पर बहस शुरू कर दीजिए।लोगों को लगेगा कि सरकार मुस्लिमों को तो सीधा कर ही देगी,भले और कुछ करे या न करे।

4.जब सरकारी रिपोर्ट कहने लगे कि भ्रष्टाचार 67 फीसदी बढ़ गया तो गाय लेकर जाने वालों को जान से मारना शुरू कर दीजिए।सब समझेंगें ये लोग कम से कम गौ सेवा तो कर ही रहे हैं।

5.जब सैकड़ों करोड़ खर्च करने के बाद भी नदियाँ ज्यों की त्यों रहें तो उनकी परिक्रमा और आरती का आडम्बर शुरू कर दीजिए,लाखों लोगों को उद्गम स्थल पर बुलाकर भाषणबाजी करिये।लोगों को लगेगा कि आप सच्चे नर्मदा पुत्र और गंगा पुत्र हो।

परिणाम-अब जब ये सब बातें एक पत्रकार करेगा तो उसके पीछे चमचा ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टीगेशन छोड़ दिया जाएगा।

खामोश,अघोषित आपातकाल का दौर है ये

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